अचानक बीमार पड़ने की स्थिति में काम आता है हेल्थ इंश्योरेंस, जानें इसके फायदे

अचानक बीमार पड़ने की स्थिति में महंगा उपचार कराना मध्यम वर्ग के लिए काफी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में महसूस होता है कि कोई ऐसा रास्ता होता, जिसकी सहायता से आर्थिक अभाव महसूस किए बगैर उपचार करा सकते।

गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बढ़ते मामलों और महंगी होती चिकित्सा सेवाओं को देखते हुए हेल्थ इंश्योरेंस लेना बहुत जरूरी हो जाता है। इसके लिए आपको नियमित अंतराल पर कुछ निश्चित प्रीमियम देना पड़ता है

लेकिन आप मेडिकल एमरजेंसी के समय तनाव और बहुत सारी आर्थिक परेशानियों से बच जाते हैं। यानी आपात स्थिति में उपचार कराने के लिए आपको आर्थिक मजबूरी का सामना नहीं करना पड़ता।

हेल्थ इंश्योरेंस के फायदे

बिना भुगतान किए उपचार की सुविधा

अगर आपका हेल्थ इंश्योरेंस है तो आपको इलाज के दौरान पैसों र्की ंचता करने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि इंश्योरेंस कंपनियों का विभिन्न हॉस्पिटलों से टाई-अप रहता है।

भर्ती होने से पहले और बाद का कवरेज

इंश्योरेंस पॉलिसी में हॉस्पिटल में भर्ती होने से पहले, उसके दौरान और हॉस्पिटल से छुट्टी होने के 60 दिनों के बाद तक की अवधि को कवर किया जाता है। 

ट्रांसपोर्टेशन खर्च

इंश्योरेंस पॉलिसी में मरीज को हॉस्पिटल तक लाने में एंबुलेंस का जो किराया होता है, वो भी कवर होता है।

नो क्लेम बोनस (एनसीबी)

जिस व्यक्ति का बीमा है, अगर उसने पिछले वर्ष कोई क्लेम फाइल नहीं किया है तो उसे कुछ बोनस प्वाइंट मिलते हैं।

फ्री मेडिकल चेकअप

इंश्योरेंस पॉलिसीज में हेल्थ चेकअप का भी विकल्प होता है। कई बीमा कंपनियां आपके पिछले एनसीबी के आधार पर भी हेल्थ चेकअप की सुविधा उपलब्ध कराती हैं।

टैक्स में छूट का लाभ

हेल्थ इंश्योरेंस के लिए जो प्रीमियम का भुगतान किया जाता है, उस पर आयकर भुगतान अधिनियम की धारा 80डी के तहत टैक्स में छूट मिलती है। इसकी जानकारी इंश्योरेंस कंपनी से भी ले सकते हैं।