आप इंटरनेट बैंकिंग (internet banking) का इस्तेमाल करते तो हैं लेकिन ऐसा करते समय कितना अलर्ट रहते हैं? नेट बैंकिंग से ट्रांजैक्शन करते समय क्या करें और क्या न करें, यह समझना बेहद जरूरी है.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस मुद्दे पर कुछ सलाह दिए हैं जिनका पालन करने पर आपको कोई आर्थिक नुकसान होने की संभावना नहीं के बराबर रह जाएगी.

सिक्योर ब्राउजर का इस्तेमाल

आरबीआई का कहना है कि इस बात का पूरा ध्यान रखें कि जिस ब्राउजर से आप इंटरनेट बैंकिंग के जरिए ट्रांजैक्शन करने जा रहे हैं, वह कितना सेफ और वेरिफाइड है. 

पासवर्ड मजबूत रखें

इंटरनेट बैंकिंग के लिए अपना पासवर्ड हमेशा जटिल रखें ताकि कोई आसानी से पासवर्ड का अनुमान न लगा सके. साथ ही अपने पासवर्ड को समय-समय पर बदलते रहें.

ऐप रखें अपडेट

जिस भी बैंक का ऐप अपने स्मार्टफोन में है, उसे हमेशा अपडेट रखें. समय-समय पर स्मार्टफोन में उस ऐप का अपडेट चेक करते रहें. लेटेस्ट वर्जन के ऐप से ट्रांजैक्शन सुरक्षित रहता है. 

बैंक अकाउंट से ये चीजें रखें कनेक्ट

यह सुनिश्चित करें कि आपका बैंक अकाउंट मोबाइल नंबर-ईमेल आईडी से लिंक्ड हो ताकि आपको एसएमएस या ईमेल अलर्ट मिलता रहे. इसमें हर ट्रांजैक्शन का अलर्ट आप तक पहुंचता है.

तब बैंक को तुरंत दें सूचना

अगर आपके अकाउंट से कोई संदिग्ध या आपकी जानकारी के अलावा ट्रांजैक्शन हो जाता है तो इसकी जानकारी अपने बैंक को तत्काल तुरंत दें. 

स्मार्टफोन पर सेव नहीं करें ये डाटा

 स्मार्टफोन या दूसरे डिवाइस पर नेट बैंकिंग लॉग इन से जुड़ी जानकारी सेव न करें. अगर हैकर फोन को हैक कर लेते हैं तो उन्हें बैंकिंग से जुड़ी जानकारी हासिल हो सकती है.

ओपन पब्लिक नेटवर्क का इस्तेमाल न करें

रिजर्व बैंक का कहना है कि कभी भी फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के लिए ओपन पब्लिक नेटवर्क या वाई-फाई का इस्तेमाल करने से बचें. यह सुरक्षित होंगे इसकी गारंटी नहीं होती. 

अहम जानकारी किसी से शेयर न करें

अपने बैंक अकाउंट से जुड़ी जानकारी जैसे- पिन, पासवर्ड, ओटीपी या सीवीवी नंबर किसी से भी (बैंक स्टाफ से भी ) शेयर नहीं करें. बैंक कभी आपसे ये जानकारी नहीं मांगता है. (RBI)