प्रॉपर्टी लेते समय यह दस्तावेज़  ज़रूर देखें

खरीदने से पहले प्रॉपर्टी के स्वामित्व के बारे में रिसर्च कर लें.टाइटल डीड सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक है.

टाइटल डीड से पता चलता है की स्वामित्व हस्तांतरण, विभाजन, रूपांतरण,म्युटेशन आदि के संबंध में कोई समस्या नहीं है.

यह सत्यापित करना भी ज़रूरी है कि जिस ज़मीन पर प्रॉपर्टी खडी है वह क़ानूनी रूप से खरीदी गयी है और निर्माण के लिए सभी ज़रूरी अनुमतियां ले लीं गईं हैं.

देनदारी सर्टिफिकेट - खरीदारी को देनदारी (एनकम्ब्रंस) सर्टिफिकेट की जांच करनी चाहिए.यह प्रमाणपत्र साबित करता है कि आपकी संपत्ति पर कोई मौद्रिक और क़ानूनी देनदारी नहीं है.

कमेंसमेंट सर्टिफिकेट - इसे कंस्ट्रक्शन क्लीयरेंस सर्टिफिकेट के रूप में भी जाना जाता है.

लेआउट या भवन योजना - लेआउट योजनाओं को उपयुक्त योजना अधिकारियों द्वारा अनोमोदित किया जाना चाहिए.

आमतौर पर किसी भवन योजना को स्थानीय नगरपालिका प्राधिकरण द्वारा अनोमोदित किया जाता है.इसे साइट स्कीम के रूप में भी जाना जाता है.

ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट - यह दस्तावेज़ प्रमाणित करता है कि संपत्ति का निर्माण प्रदान की गई अनुमतियों के अनुपालन में किया गया है.

अचल संपत्ति की खरीदारी में इस्तेमाल होने वाले आवशयक सभी दस्तावेजों के बारे में जानना महत्वपूर्ण होता है