Top 5 ways to rebuild your credit score| क्रेडिट स्कोर सुधारने के लिए किन 5 बातों का रखें ध्यान?

आज व्यक्ति के लिए उसका credit score काफी अहम हो गया है. आपका credit score निर्धारित करता है कि आपको कितना लोन मिलना चाहिए और ब्याज की दर क्या होगी. इसके साथ ही आपकी क्रेडिट हिस्ट्री लोन के आपके आवेदन की मंजूरी में भी बड़ी भूमिका निभाती है. credit score संस्था सिबिल के अनुसार, क्रेडिट स्कोर की रेंज 300-900 के बीच हो सकती है और जिन लोगों का स्कोर 750 या उससे अधिक होता है, उन्हें जल्द और आसानी से लोन मिल सकता है. क्रेडिट स्कोर का सीधा असर आपकी वित्तीय सेहत पर पड़ता है. अच्छे क्रेडिट स्कोर का मतलब है कि आपके पास रकम डूबने का जोखिम कम है. खराब क्रेडिट स्कोर का अर्थ है कि आपके कर्ज चुकाने को लेकर संदेह हो सकता है. इसलिए जानिए वो तरीके, जिससे आप आपने क्रेडिट स्कोर शानदार बनाए रख सकते हैं.

Top 5 ways to rebuild your credit score| क्रेडिट स्कोर सुधारने के लिए किन 5 बातों का रखें ध्यान?

1. आखिरी तारीख न भूलें

घर या गाड़ी की मासिक किस्त की आखिरी तारीख न भूलें. साथ ही अपने क्रेडिट कार्ड बिल के भुगतान की अंतिम तिथि को भी सुरक्षित रखें. इन दोनों में देरी का विपरीत असर आपके credit score पर पड़ेगा. यदि आप पहले से ऐसे मामलों में सुस्त रहे हैं, तो आपको इसमें थोड़ी चुस्ती दिखानी होगी. 6 से 8 महीने तक सुधार के बाद आपका credit score बेहतर होने लगेगा.

2. बेहतर क्रेडिट उपयोगिता अनुपात

क्रेडिट उपयोगिता अनुपात का अर्थ है कि आपने खुद के लिए निर्धारित सीमा में से कितनी राशि का कर्ज लिया है. उदाहरण के लिए यदि आपकी कर्ज सीमा 1 लाख रुपये है और आपने 40,000 रुपये का कर्ज लिया है, तो आपका क्रेडिट उपयोगिता अनुपात 40 फीसदी का होगा.

3.सेटलमेंट नहीं लोन को खत्म करें

आपकी क्रेडिट हिस्ट्री में इस बात का भी जिक्र होता है कि पुराने लोन आपने चुकाए हैं या उनका सेटलमेंट किया है. यदि आपने सेटलमेंट किया है, तो इसका अर्थ है कि कर्जदाता का जोखिम बढ़ जाता है. इसी तरह यदि आपके पास लोन सही समय पर चुकाने का प्रमाण है, तो कर्ज आसान हो जाता है.

4. बार-बार न बढ़ाएं कार्ड लिमिट

कई लोगों को लगता है कि एक-दो महीनों में ज्यादा खर्च हो जाने की वजह के उनका खर्च अधिक हो गया है. ऐसे में अपनी क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ा लेते हैं. इसके बजाय आप अपने खर्च को संयमित करें क्योंकि अंत में बिल आप ही को भरना है, जिसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़े

5. क्रेडिट रिपोर्ट में कोई गलती ना हो

कई बार होता है कि क्रेडिट रिपोर्ट में कोई छोटी-मोटी गलती हो जाती है, जिस पर हम गौर नहीं कर पाते. हालांकि, बाद में इसका खामियाजा कमजोर क्रेडिट स्कोर के रूप में भुगतना पड़ता है. राधिक बिनानी ने सलाह दी कि अपनी क्रेडिट रिपोर्ट हर महीने चेक करें, क्योंकि आप ही अपने क्रेडिट स्कोर के जिम्मेदार है.